This function encourages us to generate profound connections with our inner selves, which promotes spiritual expansion and peace. This holy time reminds us which the Main of devotion is the purity of our hearts as well as the sincerity of our prayers.
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
यह पूरे विश्व में लोगों के लिए नुकसान देने वाला हो सकता है. भगवती की विदाई मुर्गे पर होगी, जो भी अच्छा नहीं माना जाता. यह लड़ाई और डर पैदा करने वाला संकेत देता है.
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, get more info और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।